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*विद्यार्थी परिषद ने आंदोलन कर अमल ज्योति विद्यालय महाराजपुर का किया घेराव*

*प्रदर्शन के बाद विद्यालय प्रशासन ने रामायण की स्थिति के लिए मांगी माफी*

IMG 20250401 WA0006वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ 🌐 

मंडला MP हेमंत नायक✍️

#MP News Mandla:–अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मंडला नगर के द्वारा मंगलवार को अमल ज्योति विद्यालय में आंदोलन कर विद्यालय का घेराव किया विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने बताया कि दिनांक 27 मार्च 2025 को बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम द्वारा अमल ज्योति हायर सेकेंडरी विद्यालय, महाराजपुर का निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण में निम्नलिखित गंभीर अनियमितताएँ पाई गईं

विद्यालय की पुस्तकालय में ईसाई धर्म विशेष की कई पुस्तकें पाई गईं, जो अप्रत्यक्ष रूप से धर्मांतरण की आशंका उत्पन्न करती हैं। रामायण ग्रंथ जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पाया गया, जिससे हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएँ आहत हुई हैं विद्यालय में विद्यार्थियों से अनावश्यक और मनमानी फीस वसूली की जा रही है। इन सभी विषयों को लेकर विद्यार्थी परिषद ने आज लगभग 4 घंटे विद्यालय के सामने विद्यालय प्रशासन से रामायण ग्रंथ के विषय में माफ़ी मांगने हेतु प्रदर्शन किया जिसके बाद विद्यालय प्रशासन ने माफ़ी मांगी। इसके बाद SDM को मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन के नाम ज्ञापन सौंपा जिसमें अमल ज्योति विद्यालय, महाराजपुर की मान्यता तत्काल समाप्त की जाए।विद्यालय में अप्रत्यक्ष रूप से धर्मांतरण की गहन जाँच कर दोषियों पर उचित कार्यवाही की जाए।विद्यालय के संपूर्ण वित्तीय लेन-देन की जाँच कर विद्यार्थियों से वसूली गई अवैध फीस अभिभावकों को लौटाई जाए। साथ की थाना प्रभारी के नाम ज्ञापन में मांग की गई कि विद्यालय संचालक के ऊपर प्राथमिकी दर्ज की जाए। विद्यार्थी परिषद ने प्रशाशन से 7 दिवस की अंदर कार्यवाही की बात कही है अन्यथा उग्र रूप से प्रदर्शन करने की चेतावनी दी।

साइन फॉर इंडिया वि‌द्यालय घुटास की मान्यता समाप्त कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग को लेकर भी कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन

इस विषय को लेकर विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने बताया कि बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम ने साइन फॉर इंडिया विद्यालय का निरीक्षण किया जिसमें वि‌द्यालय मैं भोले वाले आदिवासी छात्राओं को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करना पाया गया सबसे बड़ा विषय यह है कि यहां आदिवासी बच्चों के साथ-साथ बैगा जनजाति बच्चों को भी कन्वर्ट किया जा चुका है बिना माता-पिता के अनुमति के इनको प्रार्थना कराई जाती है एवं उनके स्कूल फॉर्म में भी क्रिश्चियन रिलिजन लिखा गया है, इसी तरह आदिवासी जिला मंडला में ईसाई मिशनरियों के द्वारा वि‌द्यालय को धर्मातरण का अड्डा बनाया हुआ है लगभग सभी स्कूलों में इसी तरह के मामले सामने आ रहे हैं, ऑपइंडिया के पास वीडियो फोटो मौजूद हैं। प्रार्थना करने से लेकर एमपी बाल संरक्षण आयोग के सदस्यों से बातचीत तक के, इन वीडियो और अन्य जानकारियों को कार्रवाई के लिए आगे भेजा गया है। विद्यार्थी परिषद ने इस विषय को लेकर जल्द से जल्द कार्यवाही करने की मांग की।IMG 20250401 WA0008

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